रामकिशन अडिगः एक समकालीन कलाकार की लोकचेतन यात्रा
- लेखक
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सुरेन्द्र
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- संकेत शब्द:
- रामकिशन अडिग
- सार
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रामकिशन अडिग राजस्थान के एक समकालीन कलाकार हैं जो चित्रकार, मूर्तिकार और कला शिक्षक के रूप में जाने जाते हैं। उनका जन्म 1968 में चूरू जिले के नरवासी गाँव में हुआ था। उन्होंने राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट, जयपुर से मूर्तिकला में डिग्री प्राप्त की और 1997 से कला शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। उनकी कला राजस्थानी लोक संस्कृति पर आधारित है और वे ब्रश के बजाय चाकू का प्रयोग करते हैं, जिससे उनकी कृतियों में गहराई और विशिष्टता आती है। अडिग ने विशेष रूप से स्त्रियों की पीड़ा और संघर्ष को अपने चित्रों का विषय बनाया है, जिनमें "विधवा", "राउंड द सन" और "कामकाजी महिलाएं" जैसी श्रृंखलाएँ शामिल हैं। उनकी प्रमुख कृतियों में "चीख" और गांधीजी पर चित्र श्रृंखलाएँ हैं, जिनमें सूरज ऊर्जा और संबंध के प्रतीक के रूप में बार-बार उभरता है। उनकी कला में "फ्रेम तोड़ने" की प्रवृत्ति देखी जाती है और वे एक ही बैठक में अपनी कलाकृतियों को पूरा करते हैं।
उन्होंने "Toom 10" नामक कला समूह की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य नवोदित कलाकारों को मंच प्रदान करना है। अडिग एक कुशल लेखक और रेखाचित्रकार भी हैं, जिनके चित्र विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं और उन्होंने "दुनिया चित्रकला की" तथा "दुनिया संगीत की" जैसी पुस्तकें भी लिखी हैं। उन्हें राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उनकी एकल प्रदर्शनियाँ पूरे भारत में आयोजित की गई हैं। अडिग की कला मानवीय संवेदना और रिश्तों को उजागर करने का एक माध्यम है।
- प्रकाशित
- 2025-10-31
- खंड
- Articles
- License
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