गीत और मानसिक स्वास्थ्य
- लेखक
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विनिमा जांगिड़
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- संकेत शब्द:
- मानसिक स्वास्थ्य
- सार
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यह शोध आलेख भारतीय शास्त्रीय संगीत और मानसिक स्वास्थ्य के बीच के गहन अंतर्संबंध का अन्वेषण करता है। संगीत को प्राचीन काल से ही केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक प्रभावी चिकित्सा पद्धति के रूप में मान्यता प्राप्त है, जिसका वर्णन नाद ब्रह्म के सिद्धांत में निहित है। हम यह विश्लेषण करते हैं कि रागों की विशिष्ट आवृत्ति और लय मस्तिष्क तरंगों (अल्फा, थीटा) और हार्मोनल स्राव (कोर्टिसोल, डोपामाइन) को कैसे प्रभावित करती है, जिससे तनाव और चिंता में कमी आती है। राग चिकित्सा की भूमिका, जिसमें रागों को उनके विशिष्ट रस और समय के आधार पर मानसिक विकारों (जैसे अनिद्रा, अवसाद) के उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है, पर विशेष प्रकाश डाला गया है। निष्कर्ष यह है कि संगीत, विशेष रूप से शास्त्रीय और ध्यान-केंद्रित संगीत, मानसिक शांति, भावनात्मक नियमन (Emotional Regulation) और समग्र कल्याण (Holistic Well-being) को बढ़ावा देने वाला एक शक्तिशाली, गैर-आक्रामक उपकरण है, जिसे आधुनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में एकीकृत किया जाना चाहिए।
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- प्रकाशित
- 2025-10-31
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