[1]
“भारतीय कला के वैश्वीकरण में मृण्मूर्ति कला का योगदान”, ART ORBIT, vol. 1, no. 03, पृ. 23–28, सित. 2025, अंतिम उपयोग: 2 फ़रवरी, 2026. [ऑनलाइन]. पर उपलब्ध: https://artorbit.in/index.php/ao/article/view/8